उत्तर प्रदेशकानपुर

करोड़पति दवा कारोबारी हत्याकांड का खुलासा, नौकर ने साथी संग मिलकर रेता गला

कानपुर में दवा कारोबारी विनीत विनोचा हत्याकांड का पुलिस ने 12 घंटे में खुलासा किया। नौकर विशाल और साथी राज किशोर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुए, दोनों घायल हैं।

Kanpur Police Action: कानपुर में 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत विनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने 12 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी के नौकर विशाल गौतम ने अपने साथी राज किशोर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। रविवार देर शाम पुलिस की मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों के पैर में गोली लगी है। पुलिस पूछताछ में नौकर विशाल ने कथित तौर पर हत्या के पीछे एक बड़ी साजिश का दावा किया है। उसका कहना है कि कारोबारी की हत्या के लिए उसे बहू की ओर से कहा गया था और इसके बदले पैसे देने की बात हुई थी। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को अभी जांच के दायरे में रखा है। पूरे मामले में आरोपियों से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

घर में अकेले थे कारोबारी

हत्या की वारदात कल्याणपुर के रतन आर्बिट अपार्टमेंट स्थित C-104 फ्लैट में हुई। विनीत विनोचा परिवार के साथ यहां रहते थे। शनिवार रात करीब 10:30 बजे उनका बेटा सुब्रत, बहू शालू और छह साल का पोता घर से बाहर गए थे। रात करीब 3 बजे परिवार वापस लौटा तो फ्लैट का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था। अंदर पहुंचने पर कमरे में विनीत का शव पड़ा मिला। फर्श पर खून फैला था और कमरे की हालत देखकर परिवार के होश उड़ गए। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

सोते समय हमला

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान उस कमरे से खून के निशान और संघर्ष के साक्ष्य मिले, जहां विनीत सोते थे। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने अचानक उन पर हमला किया। कारोबारी ने बचने की कोशिश की, जिसके दौरान कमरे में संघर्ष हुआ। इसके बाद उनकी गर्दन पर धारदार हथियार से वार किया गया। शरीर पर भी चाकू के कई निशान मिले हैं। जांच में फिलहाल घर में लूटपाट के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। कीमती सामान के साथ छेड़छाड़ नहीं होने के कारण पुलिस हत्या के पीछे किसी व्यक्तिगत या साजिश वाले एंगल की भी जांच कर रही है।

CCTV ने खोली वारदात की कड़ी

हत्या की जांच में CCTV फुटेज पुलिस के लिए अहम कड़ी साबित हुई। अपार्टमेंट और आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगालने पर दो संदिग्ध लोगों की गतिविधियां सामने आईं। पुलिस ने अपार्टमेंट के एंट्री रजिस्टर की भी जांच की और वहां काम करने वाले लोगों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान विशाल गौतम और राज किशोर पर पुलिस का शक गहराया। रविवार शाम पुलिस ने दोनों को घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान हुई मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

1968 से चल रहा है परिवार का दवा कारोबार

विनीत विनोचा बिरहाना रोड की दवा मार्केट में ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से थोक दवा का कारोबार करते थे। वह अपने बेटे सुब्रत के साथ फर्म संभालते थे। दवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र सैनी के मुताबिक, विनीत का परिवार करीब तीन पीढ़ियों से दवा कारोबार से जुड़ा है। वर्ष 1968 से बिरहाना रोड पर फार्मा ट्रेडर्स का कारोबार चल रहा है। विनीत की हत्या की खबर मिलते ही फर्म में काम करने वाले कर्मचारी भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए। कर्मचारियों ने बताया कि विनीत का व्यवहार सभी के साथ अच्छा था और वह कर्मचारियों के प्रति काफी सहज रहते थे। फर्म में करीब 22 कर्मचारी काम करते हैं।

अंतिम दर्शन के दौरान मां की आंखों से नहीं रुके आंसू

विनीत का शव पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए भैरवघाट ले जाया गया। बेटे का शव देखकर उनकी बुजुर्ग मां चंचल बेसुध हो गईं। वह रोते हुए बार-बार अपने बेटे को पुकारती रहीं। परिवार के अन्य सदस्यों और कर्मचारियों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा।

अपार्टमेंट की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

वारदात के बाद रतन आर्बिट अपार्टमेंट के लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने सोसाइटी के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, स्थानीय लोगों का कहना है कि अपार्टमेंट में 24 घंटे सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं और प्रवेश के दौरान जांच की व्यवस्था भी है। इसके बावजूद दो संदिग्ध फ्लैट तक कैसे पहुंचे, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, लोगों ने मौजूदा सिक्योरिटी व्यवस्था में बदलाव और सुरक्षा कर्मियों को हटाने की मांग की है।

बहू की भूमिका के दावे की भी होगी जांच

पुलिस अब इस हत्याकांड में आरोपियों के बयान, CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों को आपस में मिलाकर जांच आगे बढ़ा रही है। नौकर विशाल की ओर से बहू पर लगाए गए कथित आरोप की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की भूमिका साक्ष्यों के आधार पर ही तय की जाएगी।

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